14 फरवरी को पश्चातात संस्कृति के विनाशकारी एजेंडे में फंसकर वेलेंटाइन जैसी कुप्रथा को मनाने से अच्छा है अपने माता पिता का पूजन कर उनके चेहरे से मुस्कान लाएं और उनके जीवन को सुखी बनाने का संकल्प लें
बापू के शायद ऐसे ही धर्म , संस्कृति और सनातनियों की भलाई के लिए कही गई बातों के कारण उनके साथ प्रपंच हुआ...लेकिन बापू की कही बातें देश का बड़ा वर्ग आज मान रहा है और 14 फरवरी को मातृ पितृ पूजन दिवस मना रहा है

