उत्तराखंड में सरकारी जमीनों पर कब्जा करके अवैध मजारें स्थापित करने का मामला गरमा गया है। राज्य सरकार की जांच में सामने आया है कि एक ही पीर-फकीर के नाम पर दर्जनों मजारें अलग-अलग जगहों पर बनाई गईं हैं। सूबे में भूरे शाह और कालू सैय्यद की तमाम 'फ्रेंचाइजी' वाली मजारें हैं, जिनमें से ज्यादातर सरकारी जमीन पर कब्जा करके वक्फ बोर्ड में दर्ज कराई गईं।
जांच रिपोर्ट्स के मुताबिक, राज्य गठन के बाद वक्फ संपत्तियों में तेज बढ़ोतरी हुई है। वक्फ बोर्ड में 725 मस्जिदें और 769 कब्रिस्तान दर्ज हैं, जबकि 203 मजारें और दरगाहें ही लिस्टेड हैं। इनमें से कई मजारों का ऐतिहासिक-धार्मिक महत्व नहीं मिला है।
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