कमला दास केरल की जानी मानी लेखिका थी ... जो माधवी_कुट्टी के नाम से लिखती थी ...और केरल की रायल_परिवार से थी और नायर ब्राम्हण थी ...
पति के निधन के बाद ये अकेलेपन में थी ... पति के निधन के समय इनकी उम्र_65_साल थी ... लेकिन फिर भी इनके अंदर शारीरिक इच्छाए भरी थी ...
तीन काफी बड़े बच्चे थे। जो बड़ी बड़ी पोस्ट पर थे ..एक बेटा माधव_दास_नलपत टाइम्स ऑफ़ इंडिया का चीफ एडिटर था जो बाद में यूनेस्को का बड़ा अधिकारी भी बना ... उसकी पत्नी त्रावनकोर स्टेट की राजकुमारी है ..
एक बेटा चिम्मन_दास विदेश सेवा का अधिकारी है और एक बेटा केरल में कांग्रेस से विधायक है ...
इनके घर पर इनके बेटे का एक मित्र अब्दुसमद_समदानी उर्फ़ सादिक अली जो मुस्लिम_लीग_पार्टी का सांसद था और उनसे उम्र में 32 साल छोटा था वो आता जाता था ...
उस मुस्लिम लीग के सांसद ने अपनी माँ की उम्र की कमला पर डोरे डाले और उन्हें अपने प्रेम जाल में फंसा लिया .. क्योकि खुद कमला ने अपने और समदानी के बीच के मुलाकातों का वर्णन ऐसे किया है जैसे अश्लील सड़कछाप किताबो में होता है .. और
कमला ने लिखा है की उम्र बढने के साथ साथ उनकी शारीरिक_चाहत भी पता नही क्यों बढने लगी है ... और मेरी इस चाहत को अब्दुसमद समदानी ने मिटाने को तैयार हुआ इसलिए मै उसकी मुरीद बन गयी ...
फिर बाद में कमला ने इस्लाम स्वीकार करके अपना नाम कमला सुरैया रख लिखा ...
तीनों बेटे अपनी माँ के इस कुकर्मो से इतने आहत हुए की उन्होंने अपनी माँ से सभी सम्बन्ध_तोड़_लिए ...
सबसे चौकाने वाली खबर ये थी की उनके इस्लाम कुबूल करने पर सऊदी_अरब_के_प्रिंस ने अपना दूत उनके घर भेजकर उन्हें गुलदस्ता भेजा था और भारत सरकार ने इसका विरोध नही किया ..
यह भगवान श्री कृष्णा पर बहुत सी कविताएं लिखती थी खुद को कृष्ण भक्त कहती थी फिर उनके एक बयान ने काफी तहलका मचाया था जब इन्होंने कहा कि मैं अपने दिल में भगवान श्री कृष्ण को भी इस्लाम कबूल करवा दिया है
फिर 2009_में_उन्हें_कैंसर हुआ .. और केरल सरकार ने उन्हें पहले मुंबई फिर बाद में पुणे की एक अस्पताल में भर्ती करवा दिया ...
तीनो बेटो और सभी रिश्तेदारों ने पहले ही उनसे सम्बन्ध तोड़ लिए थे ...
और उनका मुस्लिम पति जिसकी वो तीसरी_बीबी थी वो एक बार भी उनका हालचाल लेने नही गया था ...
मरने_के_पहले_उन्होंने_लिखा "काश मुझे किसी ने तभी गोली मार दी होती जब मै समदानी के प्रेम में फंस गयी थी ... मुझे पता ही नही चला की मुझे सिर्फ राजनीतिक साजिश के तहत केरल की हिन्दू महिलाओ को इस्लाम के प्रति आकर्षित करने के लिए ही फंसाया गया था और इसमें सऊदी अरब के कई लोग काफी हद तक शामिल है ...
पुरे आठ महीने तक अस्पताल में तड़प तड़प कर अपने बेटो और पोतो को याद करते करते उन्होंने अपने प्राण त्याग दिए .. फिर केरल सरकार ने उन्हें मालाबार के जामा मस्जिद के बगल में कब्रिस्तान में दफना दिया ..
साभार
https://x.com/i/status/2013322781778378829

