बरैली कैफे कांड का मुख्य आरोपी ऋषभ ठाकुर जिनके खिलाफ FIR हो चुकी है उनके 6 साथी गिरफ्तार हो चुके है और कारण है 1 हिन्दू लकड़ी के बर्थडे पर एक जेहादी षड्यंत्र की सूचना मिलने पर इनका अपने दोस्तों के साथ वहां पहूंच उन हिन्दू बच्चियों को बचाने का प्रयास करना... अब कानून और संविधान की नजर मेँ ये अपराध हो सकता है लेकिन संगठनों को क्या इनके साथ खड़ा नहीं होना चाहिए
ऋषभ ठाकुर का विवादों से रिस्ता पुराना है हाल ही मेँ मदनी के पोस्टर टॉयलेट मेँ लगवाए थे और अब पहूंच गए हिन्दू बेटियों को बचाने के लिए लेकिन इन्हें क्या पता था की ये खुदको नहीं बचा पाएंगे और बड़े बड़े हिन्दू सांगठन भी किनारा कर लेंगे. ये मामला सटीक उदाहरण है जो समझाता है की हिन्दू वीरों उतनी हीं ताकत दिखाओ जितनी तुम्हारे पास है क्योंकि जब फंसो गे तो ना संगठन बचाने आएंगे ना कथित हिंदूवादी नेता... पिछले दशकों से दारा सिंह जेल मेँ सड़ रहे हैँ, कई कमलेश तिवारी जीवन गँवा चुके हैँ... अब तुम अपनी जान दाँव पर मत लगाओ... अपने सामर्थ्य के अनुसार काम करो

