बेटी को नचनिया बनाना चाहते हो तो विधर्मी से सुरक्षित आप और समाज करेगा। अगर बेटी को शस्त्र और शास्त्र सिखाते हो तो आप बेटी की चिंता छोड़ दो क्योंकि शास्त्र संस्कार और संस्कृति सिखाता है और शस्त्र अपनी और दूसरे की रक्षा करना सिखाता है।
बेटियों को खूब पढ़ाओ, उन्हें सब कुछ सिखाओ लेकिन वर्तमान परिदृश्य को देखते हुए यदि आत्मरक्षा के गुण आओ उन्हें नहीं सिखाते हो तो उन्हें सब कुछ सिखाया हुआ बेकार ही समझो, क्योंकि समाज में जो राक्षस घूम रहे हैं वो आपकी बेटी को कभी भी अपना शिकार बना सकते है, इसलिए केवल किताबी शिक्षा मत दो उन्हें शास्त्रों का ज्ञान और शस्त्र चलाना भी सिखाओ

