यानी ए आर रहमान जन्मजात हिंदु थे उनका नाम दिलीप कुमार था लेकिन वह कन्वर्ट होकर मुस्लिम बने
उसके पीछे भी बड़ी खतरनाक कहानी है
ए आर रहमान के पिताजी का निधन हो गया था उनकी मां और ए आर रहमान की बहने थी माँ बहुत परेशान थी जाहिर सी बात है कि किसी के भी पति का निधन होगा और छोटे-छोटे बच्चे होंगे तो महिला परेशान होगी
फिर उसी समय ए आर रहमान की बहन की तबीयत भी बड़ी खराब रहती थी फिर एक दिन सूफी मुस्लिम गुजर रहा था उसने कहा कि तुम परेशान हो मैं तुम्हारी परेशानी का इलाज कर दूंगा
उसने कुछ ताबीज लोहबान दिया और जैसा होता है मैंने पहले भी लिखा है प्लेसिबो इफेक्ट से उनकी बहन की तबीयत में सुधार हुआ
फिर वह सूफी मुस्लिम पर काफी विश्वास करने लगी और वह सूफी मुस्लिम ए आर रहमान की मां को झांसे में लेकर पूरे परिवार का धर्मांतरण करवा दिया उनकी मां उनकी बहन पूरा परिवार मुस्लिम हो गया
न सिर्फ मुस्लिम बना बल्कि कट्टर मुस्लिम बना क्योंकि ए आर रहमान की बेटी शटल कॉक बुर्का पहनती है ए आर रहमान के घर में एक एक हिंदू संगीतकार टीका लगा कर आया तो उसे मना कर दिया गया कि इस घर में आप टीका पर लगाकर नहीं आ सकते
यह बात उस हिंदू संगीतकार ने खुद बताई
अब ए आर रहमान कह रहे हैं की सत्ता परिवर्तन से बॉलीवुड के विचारों में भी परिवर्तन आ गया है और मुझे काम इसलिए नहीं मिल रहा है क्योंकि मैं मुस्लिम हूं
इसी फिल्म इंडस्ट्री में बड़े टैलेंटेड हिंदुओं को काम नहीं मिला और वह नेपथ्य में खो गए हजारों नाम है
बहुत अच्छे-अच्छे गायक चाहे वह शान हो चाहे वह सोनू निगम हो कुमार सानू हो उन्हें भी अब काम नहीं मिलता वह भी कहीं गायब है एक जमाने में बेहद शानदार गायिकाएं सुमन कल्याणपुर और हेमलता को भी काम नहीं मिला और वह गायब हो गई
नदिया के पार के सारे गाने हेमलता ने गई सुमन कल्याणपुर की आवाज पर लोग धोखा खा जाते थे कि यह लता मंगेशकर की आवाज है कि किसकी आवाज़ है आपको याद होगा वह गाना "हम इंतजार करेंगे तेरा कयामत तक खुदा करे कि कयामत हो और तू आए' यह सुमन कल्याणपुर ने गया था
लेकिन किसी भी हिंदू गायक या हिंदू अभिनेता अभिनेत्री ने यह नहीं कहा कि उसे हिंदू होने के कारण बॉलीवुड में काम नहीं मिल रहा
जबकि सच्चाई यही है कि बॉलीवुड का इस कदर इस्लामीकरण था कि जब तक आप हिंदुओं को हिंदू धर्म को अपमानित नहीं करेंगे तब तक आपको काम नहीं मिलेगा
लेकिन अब ए आर रहमान कह रहे हैं कि क्योंकि वह मुस्लिम है इसीलिए काम नहीं मिल रहा
सोचिए हम इनको सर आंखों पर बिठाते हैं हमने इनको पूरी इज्जत दिया लेकिन अब यह हमारे ही सर पर खड़े होकर पेशाब कर रहे हैं अपमानित कर रहे हैं
यह कभी भारत को अपना नहीं समझते यह कभी हिंदुओं को अपना नहीं समझते इनकी सोच बेहद नीच और घटिया है और यही लोग कहते हैं कि हिंदू देश में नफरत फैलाते हैं अगर तुम्हारे अंदर टैलेंट होता तो काम मिलेगा
और ए आर रहमान को यह भी नहीं भूलना चाहिए कि उनको ए आर रहमान इलैया राजा ने बनाया जो एक हिंदू थे अगर इलैया राजा ने ए आर रहमान को संगीत नहीं सिखाया होता तो ए आर रहमान भी शायद उसे सूफी मुस्लिम की तरह दूसरे हिंदुओं के कन्वर्जन के लिए निकल पड़ते।*

