क्यों भाई अनिरुद्धाचार्य जी ने या प्रेमानंद महाराज जी ने जो कहा है वो आज के परिवेश में कहाँ से अनुपयुक्त हो रहा है…?Live in relation को आप पवित्र मानते है। बिना फेरे और रिवाजों के एक इंसान साथ में पति-पत्नी की तरह रहे और प्रेगनेंट होने पर अबोर्शन करवा दे इसे आप सही मानते है…?
हाई प्रोफाइल चकला है ये और लिव इन वाली सारी रांड ही हैं! आप गोबर को काजू से सजा कर हलुआ बता तो सकती हो, लेकिन खुद हलक के नीचे नहीं उतार पाओगी।सनातन धर्म में विवाह एक संस्कार है और उसे दूषित करने के लिए ही लिव इन का चलन हो रहा है।आप जस्टिफाई किसे कर रहे हो कि बाबा जी ने 96% को रांड कहा है…? खुद को आप 4% में रखिए आपका चरित्र खरा है तो! नहीं तो आज के परिवेश में उनका कहना यथार्थ है।
#ISupportPremanandMaharaj
_*✍🏻 पंकज सनातनी*_

