हिंदू भले ही सेकुलर बनने के चक्कर में अपनी पहचान मिटा दे, अपने धर्म चिन्ह हटा दे लेकिन मुसलमान ऐसा नहीं करेगा और अपने मजहब को सबसे ऊपर रखता है.. और ये बात महाराज जी द्वारा सुनाए जा रहे इस किस्से से समझा जा सकता है।
वैसे यहां यदि आप मुसलमान को गलत बोल रहे हो तो आप गलत है, क्योंकि मुसलमान तो वही कर रहा है जो उसे करना है, लेकिन हिंदू... अपने धर्म का पालन नहीं करता उसे अंतिम प्रायोरिटी में रखता है , अपने धर्म संस्कारों को भूलता जा रहा है और यही कारण है की आज हिंदू परेशान है, अनेकों जगहों पर अल्पसंख्यक हो चुका है, प्रताड़ित हो रहा है, धर्म बदल अधर्मी बन रहा है, हिंदू बच्चियां जेहादियों द्वारा लूटी जा रही हैं.... इन अब का कारण हिंदुओं का अपनी जड़ों से , अपने धर्म संस्कारों से विमुख होना है, मुसलमानों को दोष पूरा देना अनुचित है

