पीरियड्स में थी, फिर भी इतना पीटा कि शर्ट खुल गई... स्वाति मालीवाल की FIR का एक-एक शब्द पढ़िए। वैसे FIR के बाद स्वाती का चरित्र हनन भी आपियों ने शुरू कर दिया है
उसने महिला सांसद को एक थप्पड़ मारा, वो लड़खड़ाई ,सदमें में थी, तभी एक थप्पड़ और फिर एक और वो ज़मीन पर गिर पड़ी
महिला सांसद ज़मीन पर गिरी चिल्ला रही थी उसने सांसद की शर्ट खींची, सारे बटन टूटते चले गये, शर्ट खुल गई
उसने छाती पर मारा, स्तनों पर मारा
फिर लातें मारी, जूते पहने हुए
पेट पर, पीठ पर, पेट के नीचे
जूते के अगले हिस्से से बार बार मारा
आसपास सब तमाशा देख रहें थे
गंदी गंदी भद्दी भद्दी गालियाँ दी जा रही थी
अहंकार में डूबा CM अपने कमरें में ज़ोर ज़ोर से गंदी गाली देकर हंस रहा था
ये सब देश की एक सांसद के साथ, देश की राजधानी में, मुख्यमंत्री के घर में हुआ
इस पर कुछ मत बोलना लिखना वरना संविधान खतरें में आ जाएगा...
अब इनके लिए कोई संविधान खतरे में नहीं है अरे वह एक महिला होने के साथ-साथ देश की संसद भी थी लेकिन अब संविधान उनके लिए कुछ नहीं है
एक बार मामले को उल्टा कर दीजिए यह मुख्यमंत्री बीजेपी का होता और भाजपा की संसद होती और यह घटना हो गई होती तो इनमें से ज्यादातर हरामखोर यह नेता नंगे होकर नाच रहे होते और सोशल मीडिया पर उसके समर्थक हिजड़ों की तरह ताली बजा रहे होते

