धुरंधर फिल्म में ऐसे कई राज लोगों के सामने आ गए हैं इसके कारण गद्दारों के होश उड़ गए हैं। भारत में ऐसी भी राजनीतिक पार्टियों रही है जिन्होंने देश के हित से कहीं बढ़कर अपने हितों को महत्व दिया और देश को बर्बादी की गर्त की तरफ धकेल दिए, लेकिन वह सफल न हो सके । अब जब धुरंधर जैसी फिल्म के माध्यम से उनकी घटिया सच्चाई को सामने लाया जा रहा है तो वो बिलबिला रहे है और फिल्म का विरोध कर रहे है लेकिन जनता उनके विरोध को भाव नहीं दे रही..
भारत को वास्तविक खतरा बाहरी शत्रुओं से नहीं अपितु देश में बैठे गद्दारों से है जिन्होंने देश को अंग्रेजों और मुगलों से भी अधिक नुकसान पहुंचाएं। अब देश के हर राष्ट्रप्रेमी को संज्ञान लेना चाहिए कि ऐसे नेताओं को बिल्कुल सत्ता में न आने दिया जाए जिनके लिए देश से पहले अपने घटिया एजेंडे हो

