केरल में दलित युवक की मॉब लॉन्चिंग
सेकुलर , कांग्रेस और , मीडिया में एकदम सन्नाटा
बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के
माधवपुर का रहने वाला दलित जनजातीय समुदाय से
ताल्लुक रखने वाले 36 वर्षीय युवक राजेश मांझी जो
केरल में मजदूरी करता था कि 9 लोगो ने चोरी का आरोप
लगाकर लाठी प्लास्टिक पाईप से पिट पिट कर मार डाला है
और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार DCM तेजस्वी यादव और मेन स्ट्रीम मीडिया सेक्युलर लिबरल बुद्धिजीवी दलित चिंतक गैंग में सन्नाटा पसरा हुआ है उसका कारण क्या है पढ़िए
मजदूर राजेश मांझी की लिंचिंग मामले में पुलिस ने 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार, इन आरोपितों की पहचान अफजल, फाजिल, शराफुद्दीन, महबूब, अब्दुसमद, नासिर, हबीब, अयूब और जैनुल के तौर पर हुई है।
सन्नाटे का कारण समझ गए होंगे ,यही सेक्युलरिजम है हमारे
हमारे देश के राजनीतिक गिद्ध जाति धर्म जगह मौका देखकर
मुद्दे को उठाते हैं,वो भी इंसाफ़ दिलाने के लिए नहीं राजनीति
करने के लिए और वोट बनाने के लिए ,,सतर्क रहें सावधान रहें
राजनीतिक गिद्धों से
यही बीजेपी शाशित राज्य में हुआ होता मृतक अब्दुल होता और हत्यारे हिंदू होते तब देखते आप इनका विधवा बिलाप
जबकि जान तो अब्दुल और राजेश दोनों की कीमती है ना?
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