मद्रास हाई कोर्ट ने तमिलनाडु के एक प्राचीन शिव मंदिर की ज़मीन से पेरियार की मूर्ति को हटाने का आदेश दिया है और अधिकारियों को इसे दूसरी जगह ले जाने के लिए चार हफ़्ते का समय दिया है.एक आरटीआई (RTI) के जवाब से पता चला है कि एचआर एंड सीई (HR&CE) विभाग ने इसे लगाने की कभी कोई अनुमति नहीं दी थी।
हिंदू-विरोधी 'कार्यकर्ता' की इस मूर्ति पर कुछ ऐसा भी लिखा है, जिसमें ईश्वर और उनकी पूजा करने वालों की निंदा की गई है। जो व्यक्ति हिंदू धर्म से नफरत करता है हिंदू देवी देवताओं के बारे में अनर्गल प्रलाप करता है आखिर उसकी मूर्ति को मंदिर में लगाने की आवश्यकता क्यों है?
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