मंदिर में मांसाहार... 😡कर्नाटक के बागलकोट में मुस्लिम महिलाओं ने परिवार सहित बसवन्ना मंदिर परिसर में मीट से भरा डिब्बा खोला और खाना शुरू कर दिया। मंदिर में घुसकर मांसाहार करने के पीछे की मानसिकता क्या है..? क्या ये भावनाओं से खिलवाड़ नहीं?
हिन्दू इतनी शर्मनाक स्थिति में है के वो अपनी विफलता को रिकॉर्ड करकर दिखाते है, जरा सोचिये यदि कोइ गैर मुश्लिम व्यक्ति किसी मजहबी ठिकाने पर शराब पीने जाये तो उसका क्या हो??

