महिला के घर में घुस कर ऊपर लेट जाना और मुंह दबा देना दुष्कर्म की कोशिश नहीं; भारतीय न्यायपालिका का एक और धमाकेदार निर्णय... पटना हाईकोर्ट से मोहम्मद ऐनुल हक को Attempt To Rape से बरी...
रह रहकर भारत के अलग अलग कोर्ट से ऐसे ऐसे निर्णय या बयान सामने आते है जिन्हे सुनकर दिमाग़ चकरा जाए.. और उसपर कोइ प्रतिक्रिया दे दे to कहेँगे कोर्ट की अवमानना हो रही है.... जब is प्रकार खुले आम महिलाओं की अस्मिता का अपमान कानून के माध्यम से होगा तो कैसे महिलाएं सुरक्षित हो पाएंगी? जिस अपराधी को कठोर सजा होनी चाहिए उसे बरी कर महिलाओं के लिए खतरा तैयार किया जा रहा है

