बड़ी खबर! महिला पत्रकार ने राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक शिकायत दर्ज कराई! खबरों के अनुसार, ऋचा पराशर ने नई दिल्ली जिले के डीसीपी (DCP) के पास एक आपराधिक शिकायत दर्ज कराई है। इसमें उन्होंने राहुल गांधी और अन्य लोगों के खिलाफ तुरंत FIR दर्ज करने की मांग की है। यह शिकायत 12 अक्टूबर 2026 की घटना से जुड़ी है, जब सुप्रीम कोर्ट में राहुल गांधी के विरोध प्रदर्शन की रिपोर्टिंग के दौरान, तीन महीने की गर्भवती पत्रकार के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया गया, उन्हें धमकियां दी गईं और उनके खिलाफ आपराधिक बल का प्रयोग किया गया।
महत्वपूर्ण बात यह है कि सुप्रीम कोर्ट ने भी इसी आरोप से जुड़ी एक अर्जी पर सुनवाई करने के लिए सहमति दे दी है। आरोप है कि 12 अक्टूबर 2026 को विपक्ष के मार्च के दौरान राहुल गांधी ने तीन महीने की गर्भवती पत्रकार को धक्का दिया था। मामले की अगली सुनवाई 26 अक्टूबर 2026 को तय की गई है, जब सुप्रीम कोर्ट इस अर्जी पर विचार करेगा।इस अर्जी में राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने और घटना से जुड़े CCTV फुटेज व अन्य रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने की मांग की गई है।
शिकायत में BNS, 2023 की निम्नलिखित धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग की गई है:
▪ धारा 74: किसी महिला की लज्जा भंग करने के इरादे या जानकारी के साथ उस पर हमला करना या आपराधिक बल का प्रयोग करना।
▪ धारा 115(2): जानबूझकर चोट पहुंचाने के लिए सजा।
▪ धारा 131: बिना किसी गंभीर और अचानक उकसावे के हमला करना या आपराधिक बल का प्रयोग करना।
▪ धारा 125: लापरवाही या जल्दबाजी में किया गया ऐसा कार्य, जिससे मानव जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरा हो।
▪ धारा 3(5): कई लोगों द्वारा एक समान इरादे से किए गए आपराधिक कार्यों के लिए संयुक्त जिम्मेदारी।
कांग्रेस ने इन सभी आरोपों से इनकार किया है, लेकिन जो व्यक्ति भारत का प्रधानमंत्री बनना चाहता है, उसके लिए यह स्थिति बेहद शर्मनाक है—खासकर तब, जब भारत की कुल आबादी में महिलाओं की हिस्सेदारी 48.4% है। है ना?

