गणेशोत्सव मनाया गया, बप्पा का आगमन हुआ और फिर विसर्जन... ये त्योंहार देखा देखी बढ़ता गया, महाराष्ट्र से शुरू हुआ और आज पूरे देश में हो रहा है लेकिन क्या हिंदुओं ने शास्त्रों का आधार जानना चाहा...देखिए और कुछ समझ आए तो समझिए
क्या विसर्जन के नाम पर हम भगवान का अपमान कर रहे है?

