सुवेंदु अधिकारी ने साफ कहा—कक्षा 5 से 8 तक छात्रवृत्ति सिर्फ एक समुदाय तक सीमित थी, जबकि हिंदू, सिख, ईसाई और बौद्ध छात्रों को इसका लाभ नहीं मिलता था।सरकार ने व्यवस्था बदली। क्योंकि छात्र की कोई जाति या धर्म नहीं होता—हर छात्र के लिए एक नीति होनी चाहिए। एक नीति। हर विद्यार्थी। कोई तुष्टिकरण नहीं। 🚩
सत्ता बदली , स्थिति बदली...

