आज वामपंथियों का घिनौना चेहरा और शर्मनाक सोच एक बार फिर सबके सामने आ गई! देश के समक्ष अपने भारतद्रोही चरित्र का नाच मादरजात नंगे होकर किया।स्वामी विवेकानंद जी, जो विश्व-प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु और विचारक थे, उनकी तस्वीर तथा भारत माता के चित्र को सबके सामने फाड़ने, उस पर लात मारने और थूकने जैसी दानवी हरकतों को अंजाम दिया गया।
प्रगतिशीलता, बंगाली पहचान और संस्कृति की बातें करने वालों का ऐसा शर्मनाक और राक्षसी आचरण उनको पूरी तरह नंगा कर गया।आज अनादर की जो हरकतें हुईं, जिनमें स्वामी विवेकानंद जी की तस्वीर पर लात मारना भी शामिल है, वे केवल एक विश्व-प्रसिद्ध संत और विचारक का अपमान नहीं हैं; बल्कि ये बंगाल की विरासत और संस्कृति तथा बंगाली समुदाय की गरिमा और आत्म-सम्मान पर भी गहरा प्रहार हैं।

