मजहब को फैलाने के लिए आतंकवादी तैयार किए जाते हैं । धर्म को फैलाने के लिए संत तैयार किए जाते हैं । मजहब डर पैदा करता हैं, धर्म प्रेम पैदा करता हैं । मजहब लालच देता है जन्नत में भी कामवासना का । धर्म कहता हैं कामवासना खत्म करो तभी स्वर्ग मिलेगा ।
![]() |
मजहब में किसी भी जीव के लिए दया और करुणा का कोई स्थान नहीं है । धर्म में सभी जीवो के लिए दया और करुणा की बात है । मजहब अपने से जो अलग हैं उनको काफिर कहता हैं । धर्म सबको अपना कहता है वसुधैव कुटुंबकम । धर्म को धारण किया जाता हैं और मजहब में पैदा हुआ जाता है । धर्म एक होता है और धर्म का उल्टा अधर्म होता हैं ।
Duniya me sirf ek dharma hai bss.."SATYA SANATAN"

