फ़रहा खान ने अपनी पड़ोसी महिमा गुप्ता से दोस्ती की, उसे उत्तर प्रदेश के बरेली में पास की एक मस्जिद में ले गई और ज़बरदस्ती कलमा पढ़वाया। इसके बाद, उसने महिमा को इस्लाम अपनाने और इस्लामी रीति-रिवाज़ों का पालन करने के लिए मजबूर किया।वह अक्सर महिमा को अपने घर में बंद कर देती थी और लाउडस्पीकर की आवाज़ तेज़ करके बेरहमी से उसकी पिटाई करती थी।
महिमा ने पुलिस से शिकायत की, लेकिन अब फ़रहा उसके चेहरे पर तेज़ाब फेंकने की धमकी दे रही है और लगातार उसे गालियां दे रही है। वह हिंदू महिला, उस मुस्लिम महिला से पुलिस सुरक्षा की मांग कर रही है। क्या यूपी पुलिस तब तक कोई कार्रवाई करेगी, जब तक कि किसी और महिला का चेहरा ज़िंदगी भर के लिए खराब न हो जाए?

