2014 में नरेंद्र मोदी ने लोकसभा चुनाव वाराणसी और वडोदरा—दोनों जगह से लड़ा था।वाराणसी में उन्हें 56.37% वोट मिले थे, जबकि वडोदरा में उन्हें 72.75% वोट मिले—एक ऐसा जनादेश, जो बताता था कि वडोदरा ने मोदी जी को कितने बड़े विश्वास के साथ अपना माना था।लेकिन प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी जी ने वाराणसी को अपनी संसदीय सीट बनाए रखने का फैसला किया और वडोदरा छोड़ दिया। सीट तो छोड़ दी, पर रिश्ता नहीं छोड़ा।👇
आज इतने वर्षों बाद भी यह रिश्ता उसी तरह दिखाई देता है। अब प्रधानमंत्री मोदी ने वडोदरा में ₹35,000 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, लोकार्पण और शिलान्यास किया।
सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है Dedicated Freight Corridor का पूरा होना।
मुंबई के JNPT से दादरी तक जाने वाले Western DFC के तीन महत्वपूर्ण सेक्शन आज राष्ट्र को समर्पित हुए। इसके साथ पूर्वी और पश्चिमी—मिलाकर 2,800 किलोमीटर से अधिक का Dedicated Freight Corridor नेटवर्क पूरा हो गया। प्रधानमंत्री ने इसे भारत की logistics transformation के लिए एक बड़ा milestone बताया है।
और इस कहानी का एक दिलचस्प अध्याय भी है।
DFC की परिकल्पना और स्वीकृति 2006 में मनमोहन सिंह सरकार के समय हुई थी। अक्टूबर 2006 में Western Dedicated Freight Corridor का foundation stone भी रखा गया था। लेकिन 2014 तक जमीन पर एक किलोमीटर भी track नहीं बिछा था।
2014 के बाद उसी परियोजना को गति मिली। 2026 में वही सपना 2,800 किलोमीटर के operational freight network में बदल गया।
आज वडोदरा से नई freight services शुरू हुईं, नई passenger train को हरी झंडी मिली, लगभग ₹9,700 करोड़ के तीन railway expansion projects और करीब ₹1,780 करोड़ के highway projects की आधारशिला रखी गई। इसके अलावा करीब ₹2,600 करोड़ के civic और infrastructure projects भी शुरू हुए जिसमें कडाना डैम पर एक फ्लोटिंग सोलर प्लांट भी शामिल है।
और वडोदरा के लिए शायद सबसे भावनात्मक परियोजनाओं में से एक—विश्वामित्री नदी का revival, flood management और redevelopment. ₹1,200 करोड़ की इस योजना का उद्देश्य वर्षों से शहर के लिए समस्या बनी बाढ़ के खतरे को कम करना और नदी का पुनर्विकास करना है।
मोदी ने वडोदरा की सीट छोड़ी थी।
लेकिन वडोदरा को नहीं छोड़ा।
आज के ₹35,000 करोड़ से अधिक के प्रोजेक्ट उसी रिश्ते का सबसे बड़ा प्रमाण हैं।
वडोदरा ने 2014 में मोदी पर भरोसा किया था।
मोदी आज भी उस भरोसे का जवाब विकास से दे रहे हैं।
✍️ Abhijeet jee

