"अदालत कौन होती है तय करने वाली?" ओवैसी का यह सवाल सीधे देश के संविधान और न्यायपालिका को खुली चुनौती है!जब इलाहाबाद हाई कोर्ट ने साफ कर दिया कि स्कूल में अनुशासन सर्वोपरि है और हिजाब कोई अनिवार्य मजहबी प्रथा नहीं, तब इसे 'इस्लाम पर हमला' बताकर फिर वही मजहबी कार्ड खेला जा रहा है।
यह सिर्फ एक स्कूल यूनिफार्म का विवाद नहीं, बल्कि शिक्षण संस्थानों पर मजहबी कट्टरता थोपने की खतरनाक कोशिश है। कश्मीर इसका गवाह है कि मजहबी ज़िद की शुरुआत कहाँ से होती है और उसका अंजाम क्या होता है।हिजाब विवाद, ओवैसी की सियासत और विपक्ष के दोहरे रवैये का पूरा सच देखिए इस वीडियो में।
@pujaranaa

