आपके और हुड़दंगियों के बीच कुछ पागल खड़े हैं, जिन्हें फ़र्ज़ के सिवा और कुछ दिखाई नहीं देता। ये first Line of defence हटा तो आप अपने घरों में भी सुरक्षित नहीं।इनका नाम नहीं पता, पर ड्यूटी के दौरान इनका हाथ टूट गया। गोद में दुधमुंहा बच्चा और पट्टी लगे टूटे हाथ के बावजूद वो डटी रहीं।
अगर कोई कनपटी पर बंदूक रखकर भी पूछे कि आप हुड़दंगियों के साथ हैं या अपने देश की सेना और पुलिस के साथ तो मेरा जवाब सेना और पुलिस ही होगा। जब सेना और पुलिस के जवानों को पिटते देखता हूं, ख़ून खौल जाता है। फिर चाहे वो कश्मीर में हो या दिल्ली में, जिन्होंने सी को गाली दी जिन्होंने सेवा के जवानों को करने का प्रयास किया हमारी नजर में वह Genz नहीं आतंकवादी ही है चाहे वह कश्मीर के हो चाहे दिल्ली के चाहे कही और के।

