"हिंदू मुस्लिम भाई भाई" इन 4 शब्दों से बड़ा झूठ शायद ही इस दुनिया में कोई ओर होगा। वैसे तो ये झूठ पूरी तरह दुनिया समझती है लेकिन फिर भी कोई नहीं समझ रहा तो बस इस प्रश्न का जवाब खोजे कि आखिर हिंदुओं को अमरनाथ यात्रा के लिए 80 हजार सैनिकों की सिक्योरिटी क्यों लगाई जाती है..? किसका डर है..?
कुछ शुतुरमुर्ग कह सकते है के आतंकियों का डर होता है और आतंकियों का कोई मजहब नहीं होता लेकिन आखिर कब तक ये झूठ जनता को पिलाया जाता रहेगा? अब जो सबकुछ जानकर भी न समझना चाहे उसे तो क्या ही समझाना लेकिन जो समझ रहे है वो ये भी समझें कि ये आतंक तब या रहेगा जब तक हम इस आतंकी मजहबी मानसिकता का पूर्ण बहिष्कार नहीं करेंगे...

