सद्दाम का बच्चा मौत से लड़ रहा था तो कासगंज की मीना देवी ने उसे 90 हज़ार रु दिए, बच्चे का इलाज हुआ और बच्चा बच गया । एक साल बाद मीना देवी ने पैसे वापस मांगे तो सद्दाम ने मीना को मारकर गंगा जी में फेंक दिया..फेंकते हुये एक साधू ने देख लिया तो सद्दाम ने उसकी झोपड़ी में आग लगाकर उसे जिन्दा जला दिया...
हिंदुओं को हजारों बार समझा लो तो भी समझते कहां है... सेक्युलरिज्म और भाईचारे का भूत तब तक नहीं उतरता जब तक जेहादी अपने जेहाद का शिकार नहीं बनाता... खैर तुम सुधारना मत हिंदुओं, तुम जानकार निभाओ भाईचारा..

