14 गौरक्षकों के उम्रकैद का मामला क्या हुआ? सब भूल गए?
भरत तिवारी का हत्याकांड क्या हुआ सब? भूल गए?
ये तो बस ताजा मामले है जो जितनी तेजी से उठे थे उतनी ही तेजी से शांत हो गए..ये है हिंदुओं के आक्रोश और हिंदू संगठनों के खोखले पन का नंगा सच...केवल हो हल्ला करो, मोमबत्ती जलाओ, रैलियां निकालो और भूल जाओ
1 मुस्लिम को थप्पड़ भी मार दिया जाय तो पूरा मुस्लिम समाज और मुस्लिम संगठन तब तक शांत नहीं होते जब तक उन्हें उनके मन मुताबिक न्याय ना मिल जाए लें हिंदू समाज और हिंदू संगठन केवल कुछ समय के लिए हो हल्ला करेंगे, किसी के मर जाने पर मोमबत्तियां जलाकर प्रदूषण फैलाएंगे और फिर अपने जीवन की और आने एजेंडों की भागदौड़ में लगकर सब भूल जायेंगे.. ये एक शर्मनाक सच है .. शर्म आनी चाहिए कथित हिंदू संगठनों को के वो 30% वालों के संगठनों से भी कही कमजोर और नकारा हैं

