नेताओं द्वारा मुस्लिम तुष्टिकरण तो समझ में आता है लेकिन जा पुलिस भी ऐसा काम करे तो कैसे सुरक्षा और न्याय की आशा की जा सकत है? कुछ दिन पहले बिहार पुलिस के एक बड़े अधिकारी ने कहा था कि न्हिन्दु पुलिस वाला तिलक नहीं लगा सकता, और अब उसी बिहार में मजहबी पुलिस इंस्पेक्टर ने मोहर्रम पर जमकर तलवार बाजी करी |
क्या बिहार के उस पुलिस अधिकारी तक वीडियो पहुंचा नहीं या देख कर भी अनदेखा कर दिया ।ऐसी ही हरकतों के कारण लोगों का कानून पर से विश्वास उठ जाता है। एक तरफ हिंदुओं से नफरत और मजहब से प्रेम।

