आखिर क्यों कहा जैन मुनि ने की "कुत्ते से दोस्ती कर लो मगर मुस्लमान से दोस्ती मत करो वो नफरत ही फैलाएंगे " क्या जैन मुनि ने हवा में बस ऐसे ही ये बात कह दी ? नहीं मुनि जी ने २ ताजा उदहारण भी इस सम्बन्ध में प्रस्तुत किये हैं और फिर ही इतनी कठोर मगर सच बात कह रहे हैं .. हिन्दू अपने संतों की बातों को माने तो शायद उन्हें बुरे दिन न देखने पड़ें
हिन्दुओं की दुर्दशा के मुख्य कारन मुस्लमान नहीं अपितु खुद हिन्दुओं की मूर्खता , उनका दिखावटी सेकुलरिज्म , उनका बेवकूफी भरा भाईचारा है जो उन्हें निगल रहा है .हिन्दू अपने बच्चों को जेहादी मानशिकता से दूर नहीं रख पा रहे , वो जेहादियों की सच्चाई न समझ रहे और न ही अपने बच्चों को समझा पा रहे और यही कारन है के लगातार हिन्दू अलग अलग प्रकार के जिहाद से इन जेहादियों के शिकार बन रहे है .... अब तो बकरी ईद पर हिन्दुओं की क़ुरबानी की भी खबरें आ चुकी है...

