उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में एक Shocking और दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को सन्न कर दिया है। टिकैतनगर के सिहोरिया गांव में मौलवी हिदायत रसूल उर्फ गुल्ले बाबा ने तंत्र-मंत्र और झाड़-फूंक के नाम पर दलित युवक सुकई गौतम की जीभ काटकर उसकी निर्मम हत्या कर दी। यह घटना मुहर्रम के मौके पर हुई, जिसने इस्लाम में अंधविश्वास और कुप्रथाओं की जड़ों को एक बार फिर उजागर कर दिया है।
सुकई गौतम कई दिनों से बुखार से पीड़ित था। उसकी हालत बिगड़ती जा रही थी। पड़ोसी मैनुद्दीन ने उसे झाड़-फूंक की सलाह दी और मौलवी हिदायत रसूल को बुलाया। मौलवी ने घर देखते ही दावा किया कि युवक पर प्रेत का साया है और मुहर्रम के दिन तंत्र-मंत्र से समस्या दूर हो जाएगी। 25 जून 2026 की रात को परिवार के सदस्य ताजिया देखने गए हुए थे। सुकई घर पर अकेला था। तंत्र-मंत्र के दौरान मौलवी ने मांस काटने वाले चापड़ से युवक की जीभ काट दी। सुकई दर्द से तड़पता रहा और उसकी मौत हो गई। इसके बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए।
परिवार ने हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस दोनों की तलाश कर रही है। यह मामला इस्लाम के अंधविश्वास की उस काली दुनिया को सामने लाता है जहां तथाकथित मौलवी लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर जिंदगियां बर्बाद कर देते हैं।
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