यदि देश का कानून अपना काम सही ढंग से करे और करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र गौमाता की रक्षा करे तो क्या जरूरत पड़ेगी हिंदुओं को गौमाता की रक्षा के लिए कुछ भी करने की? क्या अपनी माता की रक्षा करना कोई अपराध है? ये न्याय नहीं 14 गौरक्षकों के साथ अन्याय है ये उन लोगों के साथ अन्याय है जो करोड़ों हिंदुओं की गौमाता की रक्षा के लिए कार्यरत थे... क्या अब समस्त हिंदू समाज का कर्तव्य नहीं के इन 14 गौ रक्षकों के को न्याय दिलाने के लिए वो एकजुट होकर आवाज उठाएं..
हिंदुओं आज यदि चुप रहे तो हो सकता है कोई भविष्य में गौरक्षा के लिए आगे ना आए, कोई माता पिता, पत्नी, बहन अपनों को इस कार्य के लिए आगे ना आने दे और इसका पाप पूरे हिंद समाज को लगेगा। उठाओ आवाज, बुलंद करो अपनी आवाज और अन्याय के विरुद्ध खड़े हो जाओ... हम ऐसे अपने 14 गौरक्षकों को नहीं खो सकते, उनके परिवार को बर्बाद नहीं होने दे सकते..

