जेहादी वैसे तो जिहाद खुलेआम कर ही रहे है, हिंदू बच्चियों, महिलाएं जेहादियों के निशाने पर हर जगह है लेकिन ये मामला कुछ ऐसा है कि खुद ही हिंदू महिला शिकार होने के लिए मजहबी ठिकाने पर चली जा रही है। Opibdia की खबर के अनुशार मौलवी और नदीम ,शकील ने मिलकर एक हिंदू महिला का इलाज के नाम पर गैंगरेप किया वो भी मस्जिद के अंदर....
अब क्योंकि यहां पीड़ित एक हिंदू महिला है अपराधी मुसलमान है और जगह है मस्जिद है इसलिए चारों तरफ सन्नाटा है लेकिन मामला यदि उल्टा होता और स्थान मंदिर और अपराधी कोई हिंदू होता तो क्या होता ये बताने की आवश्यकता है नहीं। वैसे यह घटना उन हिंदुओं के लिए एक सिख है जो में कट्टरपंथियों के पास किसी भी कारण वर्ष जाते हो सकता है उन्हें इसी प्रकार की प्रताड़ना भविष्य में मिले। जेहादी तो गलत है ही लेकिन वह हिंदू भी सही नहीं है जो सेकुलरिज्म का चोला ओढ़ कर इन जिहादियों की गोद में जाकर बैठते हैं

