नासिक IT कंपनी मामले में महिला पुलिसकर्मियों ने जो किया है उसके लिए जितना धन्यवाद दिया जाये वो कम होगा। प्रगतिशील हिंदू लड़को और लड़कियों की कायरता और पैसों की भूख ने इतने बड़े कांड को आराम से चलने दिया। कोई अपना रेप करवा के भी आराम से मुँह दबाये सैलरी उठाने में लगी थी कोई हिंदू कर्मचारी बीफ मुँह में ठूँस कर भी सैलरी लेने में लगा था।। ऐसे में जब एक लड़की ने बहादुरी दिखायी भी तो पुलिस के पास सबूत नहीं था कि इतने बड़े कंपनी में सीधे कैसे घुसा जाये ?
उसके बाद नासिक पुलिस ने जो ऑपरेशन शुरू किया वो काबीले तारीफ़ है। उन्होंने दर्जन भर महिला पुलिस को बड़े ही गोपनीय तरीके से इसके लिए रेडी होने को कहा। फिर पूरे प्लान के तहत जाकर इंटरव्यूज़ देते हुए अपना सिलेक्शन इस कंपनी में कराया और ये जासूस महिला पुलिस उस कंपनी में प्रवेश कर गईं।उसके बाद उन्होंने गुप्त कैमरों से हर गतिविधि को record किया। अंदर कंपनी में उन्होंने लिबरल और सेक्युलर बन कर मुस्लिम लीडर्स बॉस का विश्वास हासिल किया।
कुछ दिनों तक सभी महिला पुलिसकर्मियों ने बड़ी ही चालाकी से हर तरह का सबूत जुटा कर मुख्यालय में जमा कर दिया। सीसीटीवी सहित कुल 600 कैमरों में मुस्लिम जिहादियों के कुकर्म क़ैद किए गए हैं। कहने को तो इसमें ऐसे ऐसे footage है कि दिखाया नहीं जा सकता।आश्चर्य की बात है यहाँ सिर्फ़ हिंदू लड़कियों की ही भर्ती की जाती थी।। मुस्लिम की नहीं।। सारे leaders मुस्लिम और उनके नीचे काम करने वाले हिंदू ।
आज हिंदू माँ बाप को शर्म से डूब मरना चाहिए जो ऐसी अधर्मी लड़कियां पैदा करते हैं जिनको अपने धर्म संस्कार इज्जत से बड़ा पैसा होता है।। सोचिए अगर इन महिला पुलिसकर्मियों ने भी छोड़ दिया होता कि जब शोषित हो रही लड़कियां ही आवाज नहीं उठा रही तो हमको क्या पड़ी है ?तब तो ये सीरियल रेप का corporate जॉब चलता ही रहता ?जो भी हो नासिक पुलिस के इस ऑपरेशन ने जनता की नजरों में उनका सम्मान बढ़ा दिया है।

