देख रहा है विनोद....जज साहब केंद्र से सवाल जवाब के नाम पर कितना फूंक फूंककर कदम रख रहे हैं जज साहब भी डरते हैं सीधे आदेश देने से । वरना 4 दिन पहले सबरीमाला मंदिर में महिलाओं को प्रवेश करने की याचिका पर समानता महिला अधिकार , पवित्रता का झुनझुने बजाकर यही जज साहब सीधा आदेश पारित कर रहे थे।
कोर्ट का इस तरह का रवैया साफ संदेश देता है कि वो कितने निष्पक्ष है! हिंदुओं की भावनाओं, उनकी आस्था को रौंदना हो तो अधिक समय नहीं लगता लें जब बात किसी अन्य पंथ, मजहब की आती है तो हमारे देश का कानून कितना मजबूर हो जाता है ये बताने को आवश्यकता नहीं। हिंदुओं को ये सब चीजें समझनी चाहिए। जहां एकता है, जहां शक्ति है प्रशासन उनके सामने नतमस्तक हो जाता है...

