जिहाद क्या है ये लगभग सभी समझते है, कुछ बुद्धिजीवी जिहाद को कुछ अच्छा कांसेप्ट बनाकर पेश करते है लेकिन समाज मे, दुनिया मे जिहाद के नाम पर क्या हो रहा है वो किसी से छुपा नहीं.... आये दिन जिहाद के अलग-अलग चेहरे सामने आ रहे हैं कहीं लैंड जिहाद कहीं लव जेहाद, कहीं बलात्कार जिहाद तो अब कॉरपोरेट जिहाद जैसा खतरनाक चेहरा भी दुनिया के सामने है
सोशल मीडिया पर वायरल इस फोटो में जो लिखा है वह बहुत हद तक बिल्कुल सही है अगर अनपढ़ है तो वह थूंक जेहाद करेगा, थोड़ा पढ़ लिख गया है तो लव जेहाद करेगा और ज्यादा पढ़ लिख कर अगर डॉक्टरी कर ली है तो बम भी बना सकता है और यदि कॉर्पोरेट में पहुंच गए हैं तो वहां कॉर्पोरेट जिहाद करेंगे क्योंकि उनका लक्ष्य क्लियर है। आप जितना मर्जी कह लीजिये की "एक हाथ में किताब और एक में कंप्यूटर" लेकिन वह करेंगे वही जो उनकी किताब कहती है, कंप्यूटर का प्रयोग भी किताबी लक्ष्य के लिए ही होगा. ये बातें विश्व जितनी जल्दी समझ जाए उचित है बाकि विनाश तो हो ही रहा है.
