यह खबर तो आप सभी ने सुन ही ली होगी कि बिहार के सासाराम में एक सरकारी स्कूल में बच्चों को मिड डे मील में गौ मांस खिलाने का आरोप लगा इसके बाद वहां के कुछ मुस्लिम टीचर्स को सस्पेंड भी किया गया है। अब इस खबर के बाद हर तरफ केवल उन मुस्लिम टीचर्स को दोषी करार दिया जा रहा है क्या जेहादी मानसिकता को समझते हुए हिंदुओं को इस बात पर ध्यान नहीं देना चाहिए था कि स्कूल का नाम उर्दू विद्यालय कैसे है और यहां अधिकतर शिक्षक कट्टरपंथी मानसिकता वाले कैसे?👇🏻
जिहादी मानसिकता का लगातार बढ़ता आतंक देखने के बाद भी यदि हिंदू इन सब चीजों पर ध्यान नहीं देते हैं और अपने आप को तथा अपने बच्चों को इस जिहादी मानसिकता के संपर्क से दूर नहीं रखते हैं तो किसी न किसी प्रकार के जिहाद का उन्हें शिकार होना ही पड़ेगा। जहाज से बचने का बस एक ही समाधान है के इस जिहादी मानसिकता को रोका जाय और इसका बहिष्कार किया जाए

