रवि एक साधारण हिंदू जो अपनी पत्नी के साथ जा रहा था और एक छोटे से पार्किंग विवाद में नबी हसन ने रवि की पर पर कमेंट किया जिसके बाद रवि का खून खौल गया और रवि ने नबी हसन पर चाकू से हमला कर दिया। रवि ने पहले चाकू से पेट पर वार किया फिर जब नबी हसन जमीन पर गिर गया तो रवि ने उसका सिर धड़ से अलग कर सड़क बीचों बीच रख दिया।
जानकारी के अनुसार इस घटना के बाद नबी हसन के परिवार वालों और कुछ और लोगों ने मिलकर रवि को पीट पीटकर मौत के घाट उतार दिया। माना रवि ने कानून की नजरों में गलत किया लेकिन क्या नबी हसन ने उसे उकसाया नहीं? क्या वर्तमान स्थिति को देखकर हिंदू समाज जेहादी मानसिकता से भयभीत नहीं है? यदि कानून जेहादी मानसिकता को कंट्रोल कर पता तो क्या कोई नबी हसन हिम्मत दिखाता किसी रवि को पत्नी पर कमेंट करने की और क्या रवि को ऐसी हरकत करनी पड़ती? माना रवि ने अपराध किया तो क्या रवि के परिवार वालों को कानून हाथ में ले लेना चाहिए था? अब रवि के हत्यारों को कानून आज देगा या नहीं? यदि नहीं तो क्यों नहीं? नबी हसन को तो तुरंत न्याय मिल गया अब न्याय तो रवि को भी मिलना चाहिए

