झारखंड के महुदी में एक मुस्लिम बहुल इलाका "पारंपरिक मार्ग" पर पड़ता है, इसी वजह से राम नवमी शोभा यात्रा पर 40 से अधिक वर्षों से प्रतिबंध लगा हुआ है। स्थानीय मुसलमानों और प्रशासन ने तो वैकल्पिक मार्ग बनाने और हिंदुओं को वहां से गुजरने से रोकने के लिए एक नाला भी भर दिया। हिंदू अपने ही भारत में दोयम दर्जे के नागरिक की तरह जी रहे हैं।
भाईचारे की बात करने वाले सेकुलर हिंदू देख लें कि कैसे ये कट्टरपंथी सोच भाईचारा निभाती है, और तो और प्रशासन भी हमेशा उसके साथ खड़ा होता है जिसके पास ताकत होती है। अपने ही देश में हिंदू अपने त्योंहार नहीं मना पा रहा इससे अधिक शर्म की बात और क्या जो सकती है?

