डीजे (DJ) के बेस और हाई फ्रीक्वेंसी वाइब्रेशन के कारण स्लैब का कंक्रीट, पटिया और ईंटें तक खिसक कर गिर रही हैं। जब ध्वनि तरंगें कंक्रीट और ईंटों को हिलाने की ताकत रखती हैं, तो सोचिए कि ये इंसान के शरीर और उसके मुलायम से हृदय पर क्या असर डालती होंगी।
वास्तविकता यह है कि इतना हाई बेस दिल की धड़कन की लय (Heart Rhythm) को बिगाड़ सकता है और रक्तचाप को अचानक बढ़ाकर जानलेवा साबित हो सकता है। म्यूजिक की परिभाषा ही बदल दी है लोगों ने, जहां एक तरफ संगीत जीवन में खुशियां का सकता है वहां आजा फूहड़ हाई वॉल्यूम म्यूजिक जीवन का अंत कर सकता है
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