याद कीजिए शाहीन बाग आंदोलन में बुर्केवालियों ने प्रदर्शन के दौरान अपना इस्लामिक जिहादी एजेंडा छुपाने हेतु किस धूर्तता से डॉ आंबेडकर की तस्वीर को ढाल बनाया था।अब जब एक बुरकेवाली #Malegaon की मेयर बनी है तो उसने पहला काम किया डॉ आंबेडकर की तस्वीर को हटा कर अपने असल हीरो टीपू सुल्तान को टाँग दिया।..यही अल तकैया है ...
गौर करने वाली बात है कि शाहीन बाग में लहालोट होनेवाला रवीश कुमार, बंदरिया की तरह संविधान की किताब को सीने से चिपकाए घूमने वाला पप्पू गांधी, दलितों का मसीहा बनने की जुगत में जुटा रावण, टूंटी चोर ,आरफा खाला गैंग सब खामोश हैं, महाराष्ट्र में छत्रपति शिवाजी महाराज के नाम पर राजनीति करने वाली उद्धव ठाकरे वाली शिवसेना भी शवसेना बनी निष्प्राण पड़ी है।

