सुनिए क्या कहती है मजहबी किताब...अब इसे फॉलो करने वाले तो वही करेंगे न जो इसमें कहा गए है..! फिर भी कोई इनसे भाईचारा, सेक्युलरिज्म , शान्तिप्रियता की आशा रखे तो दोषी कौन..?
सच स्वीकार करो काफिरों...कब तक मूर्ख बनकर इनके शिकार होते रहोगे
जो अल्लाह में विश्वास नहीं करते उनसे तब तक जंग करो जब तक कि वे इस्लाम स्वीकार न कर लें..।'
हाँ, यह कुरआन में है।
1400वर्ष से आज तक, कुरआन की इन्हीं आयतों पर चलकर 40 करोड़+ सनातनियों(हिंदू/जैन/बौद्ध/सिख) की हत्याएँ हुई हैं, हो रही हैं।
इस्लाम मुक्त भारत ही समस्या का समाधान है!
साभार
https://x.com/TufailChaturve/status/1966470078570082313?t=I-iQ3wJtYHOHgPSdK1FN4Q&s=19

