बात यह है कि ये कोई #असलम या अब्दुल नहीं है.. डी गुकेश है...आश्चर्य है न ...इतनी बड़ी उपलब्धि पर टीवी मीडिया चेनल को फुर्सत नहीं,...कि इसपर कोई न्यूज बनाता..... यदि यही कोई अब्दुल या असलम होता तो मीडिया सारे काम छोड़कर दिन भर यही दिखाती रहती....और आनंद महिंद्रा थार भी दे सकता था
सबसे कम उम्र में महज 18 साल की उम्र में #विश्व_चैंपियन बनकर उन्होंने पूरे देश को गर्व करने का मौका दिया है। उनका कारनामा इस मायने में भी अहम है कि उनसे पहले भारत के लिए केवल #विश्वनाथन_आनंद यह टाइटल जीत सके थे।गुकेश ने अपने शानदार खेल से चीन के डिंग लिरेन को कड़े मुकाबले में मात दी डिंग लिरेन डिफेंडिंग चैंपियन थे, लेकिन गुकेश के सामने उन्हें हार माननी पड़ी।

