जय माता की, जय मां आदिशक्ति
आज 6 जुलाई 2024 से आषाढ़ गुप्त नवरात्रि प्रारंभ हो रही है। आषाढ़ महीने की इस नवरात्रि में मां दुर्गा की शक्ति की उपासना का विधान है। इन दिनों 10 महाविद्याओं की साधना की जाती है। वर्ष में आदिशक्ति मां भगवती की उपासना के लिए 4 नवरात्रि आती है। इसमें 2 गुप्त एवं 2 उदय नवरात्रि होती हैं। चैत्र और अश्विन मास की नवरात्रि उदय नवरात्रि तथा आषाढ़ और माघ की नवरात्रि गुप्त नवरात्रि के नाम से जानी जाती
नवरात्र का जितना आध्यात्मिक महत्व है उतना ही सामाजिक और वैज्ञानिक महत्व भी है।
सभी सनातनियों को वर्ष में आने वाली चारों नवरात्रियों का पालन करना चाहिए और मां शक्ति की उपासना करनी चाहिए। इन दिनों उपवास करने से व्यक्ति का स्वास्थ्य अच्छा होता है। चारों नवरात्रि ऐसे समय आती है जब मौसम बदलते हैं और ऐसे में उपवास रखने से शरीर को अपने आप को मौसम के अनुसार ढालने में आसानी होती है।
हिंदुओं को वैसे भी मां शक्ति की आराधना कर अपने अंदर आत्म शक्ति जागृत करने की आवश्यकता है। मां आदिशक्ति के स्वरूप से सीख कर अपनी अपने परिवार की अपने समाज धर्म और राष्ट्र की रक्षा के लिए तैयार होने की आवश्यकता है।
विधर्मी इस बात से ठीक से परिचित है कि हिंदू समाज की शक्ति उनकी बहन बेटियां , उनकी माताएं बहने हैं इसलिए उनका पहला टारगेट भी वही है। हिंदुओं को चाहिए कि वह अपनी बहन बेटियों को उचित धर्म ज्ञान और संस्कार दे ताकि उनके भीतर विद्यमान मां शक्ति जागृत हो, और विधर्मियों के प्रपंच से बच सके तभी हमारे समाज और हमारे धर्म का उत्थान संभव होगा।

