आज रिलीज़ हुए अप्रैल माह के GST संग्रह के आंकड़े (दो लाख करोड़ रुपये से अधिक) सर्वाधिक है। जब "व्यवस्था" को ठीक एवं सुदृढ़ किया, बनाया जाता है, तब वह ऑटो-पायलट (स्वचालित मोड) पर चलने लगती है। चुनावी माह में भी "व्यवस्था" - जनता, उद्यमी एवं सरकार की भागेदारी से - सुचारु रूप से अपना कार्य कर रही है।
लेकिन एक अन्य आंकड़ा अचंभित कर देता है।
उत्तर प्रदेश ने GST कलेक्शन के सन्दर्भ में तमिलनाडु को पिछाड़ दिया है। अब केवल महाराष्ट्र, कर्णाटक एवं गुजरात ही यूपी से आगे है।
आशा है कि योगी जी अगले वर्ष कर्णाटक एवं गुजरात से आगे निकलकर यूपी को द्वितीय पायदान पर ले आएंगे। राह थोड़ी दुरूह है, लेकिन लक्ष्य पहुँच के अंदर है।

