जनजातीय समाज के हक-अधिकारों की लड़ाई लड़ने वाली मुखर आवाज रही युवा नेत्री निशा भगत ने फेसबुक लाइव में आत्महत्या कर ली है। उन्होंने इसके लिए झारखंड मुख्यमंत्री , पिठोरिया थाना प्रभारी और अजय तिर्की को जिम्मेवार ठहराया है। क्या निशा भगत का बलिदान व्यर्थ चला जायेगा? क्या इस हत्या के जिम्मेदार लोगों को भारत का कमजोर कानून सजा दे पायेगा
मुख्यमंत्री के इशारे पर कुछ दलालों द्वारा आदिवासियों की जमीन हड़पने का प्रयास किया जा रहा है। राज्य के हर थाना और अंचल में जमीन लूट का खेल चल रहा है। आदिवासी समाज आखिर अपनी ही जमीन पर कब तक प्रताड़ित होता रहेगा? ये एक सरकारी तंत्र द्वारा की गयी हत्या है... क्या माननीय इसपर स्वतः संज्ञान लेने की हिम्मत दिखा सकेंगे? दुर्भाग्यपूर्ण परन्तु सत्य के हिन्दू समाज नें एक धर्म योद्धा खो दिया 😞
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