“हमारी दुकानदारी खराब कर रहे हो, पुलिस वालों का जीना हराम कर रखा है... अरे, उन्हें भी अपने घर जाने दो, दिवाली मनाने दो!” त्यौहारों के मौसम में अराजकता फैला रहे विपक्षियों और फर्जी प्रदर्शनकारियों से ज्यादा मानवता और संविधान का सम्मान तो इस साधारण महिला के दिल में है! दूसरों के मौलिक अधिकारों का सम्मान करने से संविधान बचता है…
कुछ अराजक कॉकरोज और उनके राजनितिक आका मिलकर देश का माहौल बिगाड़ रहे है और लोगों को परेशान कर रहे है, त्योंहारो मे जो व्यापार के अच्छे अवसर बनते है उन्हें बिगाड़ रहे है...लेकिन वो एक प्रकार से अपनी स्थिति ही बिगाड़ रहे है क्योंकि उनकी हरकतो से जनता त्रस्त हो रही है जिसका परिणाम वो चुनाओ के बाद देखेंगे और फिर एक बार EVM और वोट चोरी का रोना रोयेंगे

