जामिया में इन हिजाबी और काली तिरपालो को ब्राह्मणवाद और मनुवाद से आजादी चाहिए सोचिए यह मस्जिद नहीं जा सकती यह अपनी मर्जी के कपड़े नहीं पहन सकती यह जींस शर्ट नहीं पहन सकती बाल खुला नहीं रह सकती लेकिन इनको इस्लाम के पाबंदियों से आजादी नहीं चाहिए इनको ब्राह्मणवाद और मनुवाद से आजादी चाहिए....
सब प्रोपोगेंडा है और कुछ भी नही

