यह घटना एक मानसिकता की दरिंदगी को दर्शाती है यह घटना समझता है कि जहां अपनी खुद की बेटी को भी नहीं छोड़ा जाता वहां हिंदुओं की बेटियों को किसी नजर से देखा जाता होगा?
वैसे एक मानसिकता के लिए यह सब घटनाएं आम है क्योंकि हम सुनते आए हैं कुछ एक मुस्लिम से के उनके समाज की बेटियों का शारीरिक शोषण उनके ही परिवार में सबसे पहले हो जाता है... इंटरेस्टिंग बात देखी कि इनको मजहब में शराब पीना हराम है लेकिन ऐसा बोल शराब पीकर अपनी ही बेटी को बर्बाद कर दिया

