तेलंगाना पुलिस ने वंचित वर्ग के लेखक और राष्ट्रीय दलित सेना के संस्थापक नागुलारापु वर प्रसाद को केवल इसलिए गिफ्तार कर लिया चूंकि उन्होंने आंबेडकर पर 730 पन्नों वाली "द फैब्रिकेटेड लीडर' ( तेलुगु में कल्पिथा नायकुडु) लिखकर आंबेडकर का असली चेहरा सामने लाए है।
हालांकि किताब को बैन कर दिया गया है। लेकिन PDF संस्करण जो पहले से ही प्रचलन में थे, से पता चला कि पुस्तक में अंबेडकर के हिंदू विरोधी और राष्ट्र विरोधी चेहरे को उजागर करती है। जिस पर अंबेडकरवादियों की भीड़ ने तेलगाना में विरोध प्रदर्शन कर किताब को बैन करवा दिया और राष्ट्रीय दलित सेना संस्थापक को गिरफ्तार करवा दिया है। भारत में अभिव्यक्ति की आजादी भी सिलेक्टिव होती है...
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