राजा को तो एक समान होना चाहिए ना..ये आज हमें कई सेकुलर ज्ञान बांटते है..ये कंडीशन तो नेहरू और भी लागू होनी चाहिए..!!
नेहरू की मौत का एक कारण चीन से मिला धोखा तो था ही जिसमें उनकी करारी हार हुईएक और सदमा भी नेहरू के लिए अंतिम साबित हुआ..और वो था 1963 की कश्मीर घाटी के हजरत बल में पै'गंबर मोह!म्मद के बाल (मोई-ए-मुक्कद्दस) चोरी की घटना..ये एक ऐसी ऐतिहासिक और अत्यंत संवेदनशील घटना थी, जिसने पूरे कश्मीर घाटी में भारी आक्रोश, दंगे और राजनीतिक उथल-पुथल मचा दी..
श्रीनगर के डल झील किनारे स्थित हजरत बल दरगाह, जहाँ मोई-ए-मुक्कद्दस यानी पैगंबर मो!हम्मद की दाढ़ी का एक बाल रखा गया था.. वो एक रात अचानक चोरी हो गया..!!पैगंबर मुहम्मद का बाल और वो भी कश्मीर में..??क्या वो यहां आए थे..??
नहीं..
दरअसल यह बाल 17वीं शताब्दी में मदीने से भागकर सय्यद अब्'दुल्लाह मदनी जो पै!गंबर के वंशज माने जाते हैं,1635 ई. में मदीना से भारत में लाए..उनके चचेरे भाई और रिश्तेदार से वहां विवाद हो गया..तो तुर्की के सुल्तान ने उन्हें बुलाया, लेकिन उन्होंने आज्ञा नहीं मानी और बसरा होते हुए बीजापुर (वर्तमान कर्नाटक, विजयापुर) चले गए..और एक व्यापारी के रूप में बस गए.. वो अपने साथ तीन निशानियाँ भी ले आए..
1️⃣ पैगंबर मोह!म्मद की पगड़ी
2️⃣ हज@रत अली के घोड़े की जीन (काठी) और
3️⃣ मोई-ए-मुक्कद्दस पैगं!बर की दाढ़ी का बाल..ये मोई-ए-मुक्कद्दस जो कश्मीर आया था और सदियों से वहाँ पूजनीय था,
27 दिसंबर रात करीब 2 बजे जब संरक्षक सो रहे थे, चोरों ने हुजरा-ए-खास (विशेष कक्ष) के ताले तोड़े, आंतरिक दरवाजे को आरी से काटा और बाल रखने वाले छोटे लकड़ी के बक्से को निकाल लिया..पर अन्य कीमती चीजें अछूती रहीं..सुबह खबर फैलते ही करीब 50 हजार लोग काले झंडे लेकर म@जार पर जमा हो गए, और गुस्से से भरे नारे लगाने लगे.."मोई-ए-रसूल-ए-पाक को वापस करो ऐ जालिमो"
पूरे कश्मीर में दंगे भड़क गए.पाकिस्तान और आज के बंगला देश (ईस्ट पाकिस्तान) में हजारों हिंदुओं को मा'र मा'र कर भगाया जाने लगा..!!पाकिस्तान ने इस घटना को भारत के खिलाफ इस्तेमाल करने की साजिश रची और UN जाने की धमकी दी..!!इधर नेहरू के हाथ पांव फूल गए..उन्हें ताजा ताजा हार्ट अटैक पड़ा था ..
नेहरू ने अपने मंत्रीमंडल के सभी प्रमुख नेताओं जिसमें शास्त्री जी भी थे जांच के लिए नियुक्त किया कि मामले को सुलझाओ..!!
31 दिसंबर 1963 को नेहरू ने रेडियो पर राष्ट्र के नाम संदेश दिया कि पैगंबर मोहम्मद के बाल को वापस लाया जाएगा..!!भोला नाथ मुल्लिक की किताब My Years with Nehru: Kashmir के अनुसार, नेहरू ने व्यक्तिगत रूप से इस मामले को मॉनिटर किया। बाल मिलने पर नेहरू ने मुल्लिक को फोन पर जानते है क्या कहा..
"You have saved Kashmir for India."
यानी आपने भारत के लिए कश्मीर को बचा लिया है।"
जिस बाल की खातिर हजारों हिंदुओं को दुबारा से विस्थापित होना पड़ाबिना जांच के कि ये चोरी किसने की..??पुलिस जांच ने इस चोरी के इल्जाम में तीन कश्मीरी मु@स्लिमों ,अब्दुल रहीम बंदे (मुजावर/संरक्षक), अब्दुल राशिद और गुलाम कादिर भट को गिरफ्तार किया..!!जिन लोगों को बेवजह मार दिया घरों से उजाड़ दिया गया सिर्फ एक चोरी ने उस लकड़ी के बॉक्स को उन्हीं के लोगो ने चुराया और बाद में हासिल कर लिया..!!
इस घटना से कश्मीरी अलगाववादियों के हौसले बढ़ने शुरू हुए,कि हम जब चाहे कश्मीर घाटी को ना पूरे का पूरा ब्लॉक कर अस्त व्यस्त कर सकते है बल्कि भारत सरकार को भी पाकिस्तान की शय पर हिला सकते है..!!यह घटना कश्मीर इतिहास में टर्निंग पॉइंट बनी,
इससे अलगाववाद की भावनाएँ मजबूत हुईं और राजनीतिक अविश्वास बढ़ा,
इस चोरी की घटना में आज भी कई रहस्य बाकी हैं, क्योंकि आधिकारिक जांच पूरी तरह पारदर्शी नहीं हुई।

