मुस्लिम युवक 17 हिंदू युवतियों जिसमें से ज्यादातर ही नही बल्कि सभी पिछड़े और दलित समुदाय से थी उन्हें बहला फुसलाकर भगा ले गए थे ।गुजरात पुलिस ने उन्हें बरामद करके परिवार वालों को सौपा और कितनी दलित लड़कियां थी उन्हें भागने वालों के ऊपर दलित एक्ट में केस दर्ज किया। जितनी लड़कियां नाबालिक थी उन्हें भागने वालो पर पोस्को एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया। दूसरी तरफ पिछड़े और दलित समुदाय के नेता मुसलमानो को अपना भाई बताते हैं
भावनगर में बस स्टैंड पर एक दलित युवती काजल बारिया जो एक मुस्लिम के साथ लिव इन में रहती थी उस मुस्लिम ने काजल बारिया को बस स्टैंड पर सर पटक पटक कर पूरी खोपड़ी खोलकर बेदर्दी से मार दिया और जब काजल का भाई उसे बचाने आया तब उसका भी सर पटक कर उसे अधमरा कर दिया। और जब उस मुस्लिम युवक की सरेआम पूरे भावनगर में परेड निकलकर और उसके अलावा घटनास्थल पर खंभे से बांधकर तुड़ाई की गई तो पूरे भारत के मुसलमानो ने इस पर दुख जताया यहां तक की एक मुस्लिम ने इस पर गुजरात हाई कोर्ट में अपील भी दायर किया है

